बड़े दुख के साथ सुचित किया जाता है कि आज श्रीमान सोमाराम सुपुत्र स्व उम्मेदराम जी मालवी निवासी -सिणली जिनका पेर्थक गांव सिनली में दिनांक 8/03/2026 को देहांत (स्वर्गवास) हो गया है। हरि इच्छा प्रबल है। भगवान उस महान आत्मा को शांति प्रदान करे व इस दुःख की घड़ी में परिवार को सहने की आत्मबल हिम्मत दे।
🙏🙏"उस दिवंगत आत्मा को मेरा सत - सत नमन"🙏🙏
!!!नम आंखों से सादर श्रदाँजलि !!!
रविवार, 8 मार्च 2026
शनिवार, 6 दिसंबर 2025
गोकुल राम जी मालवी
मेरे पिताजी स्व.गोकुलराम s/oबुधाराम जी मालवी गाँव सिंणली जिला जोधपुर का स्वर्गवास शुक्रवार 5 दिसम्बर 2025 को हो गया मेरे पिताजी आज शारीरिक रूप से हमारे साथ न रहे हैं , लेकिन उनकी छाया और उनकी सीखें सदा हमारे साथ रहेंगी।
पिताजी, आपकी स्मृतियाँ हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। आप जहां भी हैं, आपकी आत्मा को शांति मिले और आपकी आशीष हमे सदैव मिलती रहे। हमेशा आपको श्रद्धा और प्रेम से याद करते रहेंगे।"
भावपूर्ण श्रद्धांजलि!🙏😢
सोमवार, 17 नवंबर 2025
दुःखद समाचार
बड़े दुख के साथ सुचित किया जाता है कि आज श्रीमान भूराराम सुपुत्र स्व. कानाराम जी बोका निवासी -सिणली बोको का वास जिनका पेर्थक गांव सिनली में दिनांक 17/11/2025 को देहांत (स्वर्गवास) हो गया है। हरि इच्छा प्रबल है। भगवान उस महान आत्मा को शांति प्रदान करे व इस दुःख की घड़ी में परिवार को सहने की आत्मबल हिम्मत दे।
🙏🙏"उस दिवंगत आत्मा को मेरा सत - सत नमन"🙏🙏
!!!नम आंखों से श्रदाँजलि !!!
शुक्रवार, 18 अप्रैल 2025
प्राण प्रतिष्ठा समारोह सिंणली 12 अप्रैल से 15 अप्रैल 2025
राम राम सा
मित्रों मेंने अपने जीवन मे बहुत सारे बड़े बड़े पारिवारिक अनुष्ठान , सामाजिक समारोह राजनीतिक समारोह, मन्दिरों की प्राण प्रतिष्ठा समारोह देखे हैं और आप सभी ने भी जरूर देखे होंगे जिसमें शुरुआत से लेकर अंत तक सभी आयोजनकर्ताओं बहुत मेहनत करनी पड़ती है तब जाकर एक बड़ा आयोजन सफल होता है उसके लिए सबसे पहले एक सफल प्रबन्धक की आवश्यकता होती है जो सक्षम व सशक्त हो हर प्रकार की समस्या-समाधान और निर्णय लेने की क्षमता भी होनी चाहिए दूसरों को प्रेरित करने और प्रेरित करवाने की क्षमता भी होनी चाहिए कार्यक्रम को प्रभावी ढंग से व्यवस्थित करने और समय सीमा का पालन करते हुए सभी कार्यों को प्रभावी ढंग से गांव के सभी युवा सदस्यों को उनकी भूमिकाएं देना और अपनी-अपनी जिम्मेदारियों को अवगत करना , पूरे गाँव के साथ मिलकर काम करने और और सहयोग करने के लिए प्रेरित करवाने वाला चाहिए इन सभी कार्यो को निभाते हुए पिछले सप्ताह हमारे गाँव सिंणली में 12 अप्रैल से 15 अप्रैल तक श्री राजाराम जी महाराज, संत श्री हरिराम जी महाराज एवं श्री सुभद्रा माताजी की मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य आयोजन हुआ है इतने बड़े भव्य आयोजन को कर पाना बहुत ही कठिन कार्य था लेकिन गुरु महाराज की कृपा एवं सिंणली गाँव के सभी बड़े बुजुर्गों युवाओं ने अपना कीमती समय निकालकर योगदान दिया, जिसमें से कुछ युवा साथियो ने तो पिछले तीन महीनों से भव्य आयोजन की तैयारियों से लेकर समापन तक अपना अमूल्य समय का योगदान दिया है उन युवा साथियो को बहुत बहुत धन्यावाद है लेकिन इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में मुख्य रूप से एक सक्षम सशक्त प्रबन्धक एक लीडर की भूमिका निभाई है वह काका तेजाराम जी मालवी हुब्बली जिन्होंने इस भव्य आयोजन को सफ़लतापूर्वक करवाने के लिए तन मन धन से सहयोग दिया और इस भव्य आयोजन की तैयारियों से लेकर सफ़लतापूर्वक पूरा करवाने श्रेय इन्हीं को जाता हैं जिन्होंने भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए अपना अमूल्य कीमती समय निकालकर योगदान दिया है। धन्य है वह माता-पिता जिन्होंने इनको जन्म दिया, एक सफल प्रबन्धक यानी लीडरशिप निभाने वाले सभी प्रकार गुण इनके पास है अपनी बात को यथासम्भव सटीक और सच्चे तरीके से कहना , ये काम कौशल अनुभवी के बिना नहीं हो सकता था किसी न किसी तरह से, चाहे कुछ भी हो जाए और जिस नीति का उपयोग करना चाहिए उस नीति का उपयोग करके औचित्य, नैतिकता नीतिशास्त्र की चिंता किए बिना लक्ष्य को प्राप्त किया और इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई इसलिए पुनः एक बार तेजाराम जी मालवी को बहुत बहुत धन्यावाद।
गुमनाराम मालवी सिंणली
गुरुवार, 27 फ़रवरी 2025
महा कुम्भ प्रयागराज 2025
।। राम राम सा ।।
मित्रों 2025 का प्रयागराज महाकुंभ का अंतिम शाही स्नान 26 फरवरी 2025 को हुआ है इसी के साथ मेला का समापन हो गया है मेला तो अभी भी थोड़े दिनों तक और रहेगा इस मेले में बहुत ही रौनक रही है लगभग भारत की आधी आबादी मेला में स्नान करके गई है विदेशों से भी बहुत लोग आए थे
आज कल दूर की बड़ी तीर्थयात्रा करना एकदम आसान हो गया है थैला उठाया और रवाना हो गये क्योंकि पैसे की कोई कमी नहीं है, और आजकल आवागमन के साधन बहुत हो गए हैं रेलगाड़ी बसे ,छोटी कारें , हर वक्त मिल जाती हैं यही तीर्थयात्रा करना तीस-चालीस सालों पहले बहुत ही मुश्किल काम हुआ करता था यातायात के साधन बहुत ही कम थे लोग कुछ लोग खर्चा करने से भी हिसकिसाते थे सौ, दौ सौ किलोमीटर तक की नजदीक तीर्थयात्रा तो कर देते थे लेकिन लंबी दूरी की तीर्थयात्रा बहुत ही कम लोग करते थे हमारे यहाँ सबसे बड़ा तीर्थ द्वारकाधीश ठाकुरद्वारा को मानते थे द्वारका तीर्थयात्रा पर भेजने के लिए प्रत्येक गांव में सात आठ लोग फागुन महीना लगते ही तैयार रहते थे जो इनके आने-जाने के लिए खर्चे की व्यवस्था करते थे इस बार गांव से किस किस को द्वारका भेजना है उसकी तैयारी करते थे लेकिन फागुन महीने में अपने- अपने परिवार के बुजुर्ग बच्चों की निगरानी भी रखते थे रात को सोते समय कमरे को बाहर से कड़ी लगा देते थे जागकर भी पहरा देते कि कोई रात को उठाकर द्वारका के लिए भेज ना दे, जाने वाले तो कितना भी कड़ा पहरा रखने के बावजूद भी निकल जाते थे द्वारका तीर्थ निकलने के बाद वापस आने तक चार पाँच दिन घर पर भजन कीर्तन हरजस हुआ करते थे और वापस आने पर ढोल थाली गुलाल से स्वागत होता था और जागरण जरूरी होता था पहले भी माता-पिता ,चाचा चाची, बहिन भुआ या अन्य किसी रिस्तेदार को अगर तीर्थ यात्रा कराने के लिए लेकर जाते थे तो उनको कम से कम तीन चार दिन तो तैयारी करने में लग जाते थे सबसे पहले साथ में ले जाने के लिये जितने दिनों की यात्रा होती उतने दिनों का खाने-पीने के सामान की व्यवस्था करते, घर से निकलने से पहले किड़ीनगरे को आटा डालते थे ,पक्षियों को दाना डालते थे, काले कुत्ते को ढूंढकर रोटी देते थे और गाय को रोटियाँ खिलाते थे और सभी से वापस सकुशल वापस लौटने की प्रार्थना करते थे घर से निकलते समय ठाकुर जी के मंदिर में या घर पर बने मंदिर पर नारियल चढ़ाते थे और ठाकुर जी से साथ में चलने का आग्रह करते थे कि वापस आने तक हमारे साथ साथ रहे और वापस आकर भी सबसे पहले मंदिर में दर्शन करते थे जब तक वापस घर नहीं आते तब तक बीस में कोई भी रिस्तेदार या कितना ही पहचान वाला क्यों ना हो किसी के घर पर नहीं रुकते थे और जिस तीर्थ स्थल पर जाते थे उस जगह रात रुकना जरूरी था क्योंकि उनका ऐसा मानना था कि तीर्थयात्रा का पूर्ण फल नहीं मिलेगा, फिर घर आने पर माँ, चाची, भूआ या बहिन, भाभी द्वारा तिलक करके आरती की जाती थी जागरण दिया जाता था, आजकल की तरह दिखावे का आडम्बर नहीं होता था अब कोई कहते हैं कि तीर्थयात्रा पर गया और क्या मिला, कौन-से पाप धोकर आए हों कुछ लोगों का कहना है कि गंगा नदी का पानी बहुत ही प्रदुषित हो गया है करोड़ों लोगों के मल -मूत्र से पानी के अंदर बैक्टीरिया फेल गया है लेकिन ऐसा कुछ नहीं है से सब भ्रमित करने वालीं बाते हैं गंगाजल वर्ल्ड की सभी नदियों से पवित्र जल है लेकिन तीर्थयात्रा से ना तो पुण्य मिलता है और ना ही पाप धुलता है ये सब अपने अपने कर्म के अनुसार ही मिलेगा लेकिन तीर्थयात्रा से आध्यात्मिक ज्ञान बढ़ता है ईश्वर के प्रति अपनी आस्था मज़बूत होती है मन प्रसन्न होता है और नई ऊर्जा मिलती है दैनिक जीवन की परेशानियों से मुक्ति मिलती है बुरे विचार खत्म होते हैं और सोच अच्छी बनती है स्वास्थ्य लाभ भी मिलता है पौराणिक ज्ञान का अनुभव बढ़ता है अलग-अलग जगहों की जीवन शैली और रीति-रिवाजों को जानने का मौका मिलता है इंसानों में आत्म-विकास, ज्ञान, समझ, बढ़ती है बहुत कुछ सीखने को मिलता है लेकिन अगर हमारे आसपास कोई जानवर भूखे प्यासे तड़प रहे हैं गर्मियों के दिनों में पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था नहीं है हम अपने परिवार के या अन्य बड़े-बुज़ुर्गों को आदर नहीं करते हैं तो चाहे हम चारधाम की यात्रा करे बारह शिवलिंग के दर्शन करे या चारो कुम्भयात्रा करें गंगा या नहाए कहीं भी कुछ नहीं मिलेगा सब व्यर्थ है ऐसे लोगों को किसी भी तीर्थ का फल नहीं मिलता है। इस बार कुछ लोगों एक नया नाटक करते हुए भी सबने देखा है तीर्थयात्रा से लौटने के बाद घरवालों द्वारा पैर धुलवाना ऐसा तो हमने पहले कभी नहीं देखा है लेकिन दिखावा करना ही समय की मांग है
गुमना राम चौधरी सिंणली
शनिवार, 18 जनवरी 2025
दुःखद समाचार
बड़े दुख के साथ सुचित किया जाता है कि आज हमारे गांव के तुलसा रामजी सुपुत्र स्व.हीराराम जी काग निवासी -सिणली जिनका पेर्थक गांव सिनली में दिनांक 18/01/2025 को देहांत (स्वर्गवास) हो गया है। हरि इच्छा प्रबल है। भगवान उस महान आत्मा को शांति प्रदान करे व इस दुःख की घड़ी में परिवार को सहने की आत्मबल हिम्मत दे।🙏🙏"उस दिवंगत आत्मा को मेरा सत - सत नमन"🙏 !!!नम आंखों से श्रदाँजलि !!!
शुक्रवार, 16 अगस्त 2024
बरसात का सुनहरा मौसम
।। राम राम सा ।।
इन्द्रदेव हुए मेहरबान तो किसान हुए खुश।
आज हमारे गांव में बहुत ही शानदार बरसात हुई है खेतों में सिर्फ पानी ही पानी नज़र आ रहा है तालाब एकदम लबालब भर गया है ग्रामवासीयों को अगले साल मई जून तक पानी की कोई समस्या नहीं होगी खासकर गायों भेंड़ों बकरियों भैंसों के लिए फायदा होगा।
बुधवार, 31 जुलाई 2024
सेवानिवृत्ति समारोह Sinli
।। राम राम सा ।।
मित्रो आज हमारे गाँव सिंनली मे राजकीय सेवानिवृत्ति की दो अलग-अलग सभाए हुई आज हमारे आदर्श काका श्रीमान देवाराम जी (मालवी)पटेल (सिनली) प्रधानाध्यापक से सेवानिवृत्त होने के अवसर पर सिनली गांव में कार्यक्रम हुआ है और दुसरा हमारे फौजी साहब श्रीमान मोतीरामजी (काग) सेवानिवृत्त होने पर गाँव मे कार्यकर्म रखा गया दोनो सभाए बहुत ही शानदार रही मै तो सभा मे नही जा पाया लेकिन आजकल मल्टीमीडिया के माध्यम से सब कुछ सम्भव हैं सेवा निवृत होना भी जीवन का बहुत ही बड़ा हिस्सा है जिसमे इन्होने बड़ी इमानदारी से सेवा दी गई ।आपके जीवन का अगला समय आपके लिए मंगलमय हो दोनो को मेरी तरफ बहुत बहुत हार्दिक बधाई हो ।
मित्रो आज हमारे गाँव सिंनली मे राजकीय सेवानिवृत्ति की दो अलग-अलग सभाए हुई आज हमारे आदर्श काका श्रीमान देवाराम जी (मालवी)पटेल (सिनली) प्रधानाध्यापक से सेवानिवृत्त होने के अवसर पर सिनली गांव में कार्यक्रम हुआ है और दुसरा हमारे फौजी साहब श्रीमान मोतीरामजी (काग) सेवानिवृत्त होने पर गाँव मे कार्यकर्म रखा गया दोनो सभाए बहुत ही शानदार रही मै तो सभा मे नही जा पाया लेकिन आजकल मल्टीमीडिया के माध्यम से सब कुछ सम्भव हैं सेवा निवृत होना भी जीवन का बहुत ही बड़ा हिस्सा है जिसमे इन्होने बड़ी इमानदारी से सेवा दी गई ।आपके जीवन का अगला समय आपके लिए मंगलमय हो दोनो को मेरी तरफ बहुत बहुत हार्दिक बधाई हो ।
रविवार, 28 जुलाई 2024
नशे की और आकर्षित होते युवा वर्ग
जब तक अफीम खाने वाले नशेड़ी यह कहना बंद नहीं करेंगे कि भाई सभा में अगर ............
.......डोडा अफीम रखें ला तो थारै घर रो (सकरौ) लागेला नही राखी तो धूङ उङैला
अब धूङ तो कुण ऊडावणी चावै
नशे का मुख्य कारण है कि आजकल समाज में नशे को शान का प्रतीक समझा जाने लगा है। देशांवर में रहने वाले युवा वर्ग भी नशा करने में अपनी शान समझते है
और वह अन्य दुकानदार साथियों को भी इस तरह प्रेरित करते है कि उन्हें भी नशा करना प्रतिष्ठा का विषय लगने लगता है। गुरु महाराज के लाख मना करने के बाद भी लोग सुधर नहीं रहे हैं पहले
एक समय था जब गांवों में शादी या किसी मौत पर अफीम की मनुहार होती थी, जो आज भी बदस्तुर जारी है। इस मनुहार को देखते देखते गांवों के युवाओं में इसके सेवन के प्रति आकर्षण बढ़ने लगा। आज स्थिति यह है कि शादी और मौत के मौकों में तो अफीम की मात्रा बढ़ी ही है, दूसरे आयोजनों पर भी अब अफीम का सेवन तेजी से बढ़ता जा रहा है।पहले जहां आठ दस गुना बनाई हुई सूखी अफीम मिलती थी , वहीं अब अफीम का दूध लोगों को मुहैया हो रहा है। ऐसा नहीं है कि अफीम की उपलब्धता के लिए यहां-वहां प्रयास करने पड़ते हैं,उलट अफीम आसानी से मिलने लग गया है। देश के हर कोने में तस्कर तैयार बैठे हैं जो समाज को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं चंद नशेड़ीयों की वजह से पूरे मारवाड़ी बदनाम हो रहे हैं इसलिए अमल दारो से निवेदन है कि सोशल मीडिया पर फोटो ना चढ़ाए और देसावर में किसी भी प्रकार की सभा में इस्तेमाल ना करे
.......डोडा अफीम रखें ला तो थारै घर रो (सकरौ) लागेला नही राखी तो धूङ उङैला
अब धूङ तो कुण ऊडावणी चावै
नशे का मुख्य कारण है कि आजकल समाज में नशे को शान का प्रतीक समझा जाने लगा है। देशांवर में रहने वाले युवा वर्ग भी नशा करने में अपनी शान समझते है
और वह अन्य दुकानदार साथियों को भी इस तरह प्रेरित करते है कि उन्हें भी नशा करना प्रतिष्ठा का विषय लगने लगता है। गुरु महाराज के लाख मना करने के बाद भी लोग सुधर नहीं रहे हैं पहले
एक समय था जब गांवों में शादी या किसी मौत पर अफीम की मनुहार होती थी, जो आज भी बदस्तुर जारी है। इस मनुहार को देखते देखते गांवों के युवाओं में इसके सेवन के प्रति आकर्षण बढ़ने लगा। आज स्थिति यह है कि शादी और मौत के मौकों में तो अफीम की मात्रा बढ़ी ही है, दूसरे आयोजनों पर भी अब अफीम का सेवन तेजी से बढ़ता जा रहा है।पहले जहां आठ दस गुना बनाई हुई सूखी अफीम मिलती थी , वहीं अब अफीम का दूध लोगों को मुहैया हो रहा है। ऐसा नहीं है कि अफीम की उपलब्धता के लिए यहां-वहां प्रयास करने पड़ते हैं,उलट अफीम आसानी से मिलने लग गया है। देश के हर कोने में तस्कर तैयार बैठे हैं जो समाज को बर्बाद करने पर तुले हुए हैं चंद नशेड़ीयों की वजह से पूरे मारवाड़ी बदनाम हो रहे हैं इसलिए अमल दारो से निवेदन है कि सोशल मीडिया पर फोटो ना चढ़ाए और देसावर में किसी भी प्रकार की सभा में इस्तेमाल ना करे
गुरुवार, 20 जून 2024
दुःखद समाचार
आज हमारी नानी माँ वींजी देवी धर्म पत्नी स्व. वीरमराम जी कुङ निवासी -रोहिसा कल्ला जिनका पेर्थक गांव रोहिसा कल्ला आज दिनांक 20/06/2024 गुरुवार को देहांत (स्वर्गवास) हो गया है। हरि इच्छा प्रबल है। भगवान उस महान आत्मा को शांति प्रदान करे व इस दुःख की घड़ी में परिवार को सहने की आत्मबल हिम्मत दे।
🙏🙏"उस दिवंगत आत्मा को मेरा सत - सत नमन"
🙏🙏"उस दिवंगत आत्मा को मेरा सत - सत नमन"
गुरुवार, 9 मई 2024
दुःखद समाचार
बड़े दुख के साथ सुचित किया जाता है कि आज श्रीमान देवाराम सुपुत्र स्व दुर्गाराम जी बोका निवासी -सिणली बोको की ढाणीया जिनका पेर्थक गांव सिनली में दिनांक 09/05/2024 गुरुवार को देहांत (स्वर्गवास) हो गया है। हरि इच्छा प्रबल है। भगवान उस महान आत्मा को शांति प्रदान करे व इस दुःख की घड़ी में परिवार को सहने की आत्मबल हिम्मत दे।
🙏🙏"उस दिवंगत आत्मा को मेरा सत - सत नमन"🙏🙏
!!!नम आंखों से श्रदाँजलि !!!
बुधवार, 17 अप्रैल 2024
दुःखद समाचार
🙏🙏 दुःखद समाचार 🙏🙏
आज हमारे काकोसा सोनाराम जी फौजी पिता स्व श्री बुधा राम जी माळवी गाँव- सिणली हमारे बीच नहीं रहे जिनका पेर्थक गांव सिनली में दिनांक 17/04/2024 को देहांत (स्वर्गवास) हो गया है। हरि इच्छा प्रबल है। ईश्वर से आराधना करते है कि उनको अपने श्री चरणों मे स्थान देवे। 🙏🙏
हमारी और से अश्रुपूरित नैनो से भावविहल श्रद्धांजलि।
💐💐🕉️ शान्ति 🕉️💐💐
🙏🙏 सत सत नमन
आज हमारे काकोसा सोनाराम जी फौजी पिता स्व श्री बुधा राम जी माळवी गाँव- सिणली हमारे बीच नहीं रहे जिनका पेर्थक गांव सिनली में दिनांक 17/04/2024 को देहांत (स्वर्गवास) हो गया है। हरि इच्छा प्रबल है। ईश्वर से आराधना करते है कि उनको अपने श्री चरणों मे स्थान देवे। 🙏🙏
हमारी और से अश्रुपूरित नैनो से भावविहल श्रद्धांजलि।
💐💐🕉️ शान्ति 🕉️💐💐
🙏🙏 सत सत नमन
सोमवार, 8 अप्रैल 2024
दुःखद समाचार
बड़े दुख के साथ सुचित किया जाता है कि आज भाई भलाराम सुपुत्र स्व.परका राम जी माळवी निवासी -सिनली का पेर्थक गांव सिनली में दिनांक08/04/2024 सोमवार को देहांत (स्वर्गवास) हो गया है। हरि इच्छा प्रबल है। भगवान उस महान आत्मा को शांति प्रदान करें व इस दुःख की घड़ी में परिवार को सहने की आत्मबल शक्ति दे।
बुधवार, 3 अप्रैल 2024
दुःखद समाचार
बड़े दुख के साथ सुचित किया जाता है कि आज हमारे काकीसा श्रीमती देवी धर्म पत्नि वस्ताराम जी माळवी निवासी -सिनली का पेर्थक गांव सिनली में दिनांक 3/04/2024 बुद्धवार को देहांत (स्वर्गवास) हो गया है। हरि इच्छा प्रबल है। भगवान उस महान आत्मा को शांति प्रदान करें व इस दुःख की घड़ी में परिवार को सहने की आत्मबल शक्ति दे।
मंगलवार, 20 फ़रवरी 2024
दुःखद समाचार
आज हमारे गनायत मसरा राम जी पिता स्व श्री पुनम राम जी काग (गोदावत) गाँव- दुन्धाङा हमारे बीच नहीं रहे ईश्वर से आराधना करते है कि उनको अपने श्री चरणों मे स्थान देवे। 🙏🙏
हमारी और से अश्रुपूरित नैनो से भावविहल श्रद्धांजलि।
💐💐🕉️ शान्ति 🕉️💐💐
🙏🙏 सत सत नमन 🙏🙏
हमारी और से अश्रुपूरित नैनो से भावविहल श्रद्धांजलि।
💐💐🕉️ शान्ति 🕉️💐💐
🙏🙏 सत सत नमन 🙏🙏
बुधवार, 10 जनवरी 2024
दुःखद समाचार
बड़े दुख के साथ सुचित किया जाता है कि आज हमारे काका स्व. शंकररामजी सुपुत्र स्व.पूनमराम जी माळवी निवासी -सिनली का पेर्थक गांव सिनली में दिनांक 10/01/2024 बुद्धवार को देहांत (स्वर्गवास) हो गया है। हरि इच्छा प्रबल है। भगवान उस महान आत्मा को शांति प्रदान करें व इस दुःख की घड़ी में परिवार को सहने की आत्मबल शक्ति दे।
सोमवार, 27 मार्च 2023
दुःखद समाचार
बड़े दुख के साथ सुचित किया जाता है कि आज हमारे काका स्व. जोगारामजी सुपुत्र स्व.लाबुराम जी माळवी निवासी -सिनली का पेर्थक गांव सिनली में दिनांक 27/03/2023 सोमवार को देहांत (स्वर्गवास) हो गया है। हरि इच्छा प्रबल है। भगवान उस महान आत्मा को शांति प्रदान करें व इस दुःख की घड़ी में परिवार को सहने की आत्मबल शक्ति दे।
गुरुवार, 9 फ़रवरी 2023
दुःखद समाचार
बड़े दुख के साथ सुचित किया जाता है कि आज हमारे गनायत स्व. वागारामजी सुपुत्र स्व.नारायण राम जी काग निवासी -सिणली जिनका पेर्थक गांव सिनली में दिनांक 9/02/2023 को देहांत (स्वर्गवास) हो गया है। हरि इच्छा प्रबल है। भगवान उस महान आत्मा को शांति प्रदान करे व इस दुःख की घड़ी में परिवार को सहने की आत्मबल हिम्मत दे।🙏🙏"उस दिवंगत आत्मा को मेरा सत - सत नमन"🙏 !!!नम आंखों से श्रदाँजलि !!!
रविवार, 14 अगस्त 2022
भलाराम जी मालवी sinli द्वारा पूर्वानुमान साल संवत (2079)
।। राम राम सा ।।
आजकल सोशल साइट्स मौसम की पल पल की जानकारी मिल जाती हैं ।लेकिन पुराने ज़माने में जब विज्ञान उन्नत अवस्था में नहीं था तब किसान प्रकृति के संकेतों और
जीव-जंतुओं एवं पक्षियों के अजीब व्यवहार के आधार पर भी मौसम का पता लगाते थे।और आज भी वैज्ञानिकों के मौसम संबंधी अनुमान गलत हो सकते हैं लेकिन गांवों में बुजुर्गों के मौसम सम्बन्धी पूर्वानुमान गलत नहीं होते हैं। बरसात के मुख्य बारह सुर्य नक्षत्र होते हैं। जिसमें पश्चिमी राजस्थान में पांच नक्षत्र में ही बरसात होती हैं । बुजुर्गों से हम सुनते आ रहे हैं कि मौसम सम्बन्धी चार थम्भ होते हैं।(1)चैत्र शुक्ल पक्ष एकम -रेवती नक्षत्र = जल स्तम्भ (2)वैशाख शुक्ल पक्ष एकम -भरणी नक्षत्र = घास स्तम्भ, (3) जेठ शुक्ल पक्ष एकम -मृगशिरा नक्षत्र =वायु स्तम्भ ,(4)आषाढ़ शुक्ल पक्ष एकम- पुनर्वशु नक्षत्र = अनाज स्तम्भ ,ये
चारो थम्भ साथ में कभी-कभी ही आते है इस साल चारो थम्भ साथ है जिसमें इस वर्ष संवत 2079 में बरसात व अनाज बारह आना, चारा सोलह आना, वायु दस आना है। एक और बुजुर्गों की महत्वपूर्ण कहावत है कि सावन माह के अंधेरे पक्ष की एकादशी के दिन अगर चद्रमा अगर कृतिका नक्षत्र में है तो ज़माना सामान्य होता है
अगर रोहिनी नक्षत्र में है तो ज़माना इक्कीस
आना होता हैं तथा अगर मृगशिरा नक्षत्र में होता है तो लगभग ज़माना अकाल के जैसा ही होता है लेकिन इस वर्ष एकादशी का आधा दिन कृतिका वह आधा दिन रोहिणी नक्षत्र है तो इस साल सर्वत्र ज़माना सामान्य से बढ़कर ही होने का पूर्वानुमान हैं। अभी भी मघा नक्षत्र तक बरसात की पूरी पूरी संभावनाये है। लेकिन वायु स्तम्भ दस आना के कारण जाते जाते कबाड़ा होने की संभावना भी कोई कम नहीं है।
बुधवार, 8 जून 2022
दुःखद समाचार
बड़े दुख के साथ सुचित किया जाता है कि आज सिनली गांव संत श्री राजाराम की वगैसी के पुजारी श्रीमान नेनुराम जी बौका (पैतृक गांव गिराद का ढाणा) हाल निवासी सिनली गाँव में दिनांक 09/06/2022 को देहांत (स्वर्गवास) हो गया है। हरि इच्छा प्रबल है। भगवान उस महान आत्मा को शांति प्रदान करे।🙏🙏"उस दिवंगत आत्मा को मेरा सत - सत नमन"🙏🙏
!!!नम आंखों से श्रदाँजलि !!!
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