gumanji patel
सिनली
शनिवार, 26 सितंबर 2015
माता पिता
संसार है सागर अगर तो माता पिता भी नाव है जिसने की माता पिता की सेवा बेडा उसका पार हैं। । जिसने दुखाइ माता पिता की आत्मा वह नर डूबता माँझ धार है।।
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