आज देश मे कोरोना के चलते भय बना हुआ है लेकिन कुछ लोगों को अपनी राजनीति की रोटियाँ सेंकने का मौका अब मिला है । कोई कह रहा है हमारे सांसद नेता ने पांच करोड़ दिये कोई कह रहा है हमारे विधायक ने दौ लाख दिये है ।मोदी ने तो सिर्फ घन्टी और थाली ही बजवाई है देश के उध्योगपती कुछ नहीं दे रहे है। किर्केटर्स कुछ नही दे रहे है फिल्म स्टार कुछ नही दे रहे है । सिर्फ हमारे सांसद ने दिया और हमारे विधायक दे रहे है । मै उन लोगो को कहना चाहता हुँ कि ये नेता जो करोड़ लाख कहा रहे है वो जनता के टेक्स का पैसा है । किसी नेताओं के बाप का नही है । और ये भी कोरोना के नाम से सरकार द्वारा हड़प कर अपनी अपनी जैबे भरेन्गे । दान तो जिस दानवीरो ने आगे आगे दिया है वो ही देंगे। आज तक जनता ने ही दिया है और जनता ही देंगी नेताओ का दान सिर्फ चुनाव मे होता है भलाई के लिये दान तो कोई बिरले नेता होन्गे वो ही करेंगे । सरकारी खजाने का दान जनता का अपना दान है । ये तो नेताओ की रोटियाँ सेंकने का मौका है । आज वो लोग जो जरदा बीड़ी भी दूसरो से मांग कर पीते वो लोग भी कह रहे है कि ये हमारे नेता ने तो पहले ये किया हमारे नेता ने तो वो किया मौदी ने क्या किया घन्टा बजाया । अरे जिसकी सरकार होगी उसका कर्तव्य है कि जनता की हिफाजत करना इतने बड़े संकट के समय आज एक छोटे से मजदूर से लेकर बड़े उध्योगपति सब अपने अपने घरो मे कैद है। सबके काम काज बन्द है । लेकिन देश के डॉक्टरस ,सेना, पुलिस, आर्मी सफाईकर्मी
,स्वयंसेवी संस्थाएँ रातो दिन हम जनता की सेवा मे लगे हुये है ।और ये चमचे अपनी राजनीतिक रोटियाँ सेंकने मे लगे हुये है ।इसने अभी तक कुछ नही दिया अभी तक पैकेज घोषणा क्यो नही की ये तो जनता के साथ धौका है । घन्टा बजाने से बिमारी नही जायेगी पेकेज दौ बस पेकेज दौ। अरे हरामखौरो तुम्हारी नजर ही पेकेज पर है कब घौषणा हो और कब उनमे से हडपे जैसे कुत्ता हड्डी का इन्तज़ार कर रहा हो । अपने देश मे दानवीरो की कमी नही है ।आज सब कुछ है । सब कुछ संभल जायेगा लेकिन थौड़ा संयम व सावधानियां बरतनी होगी जिससे इस महामारी का प्रकोप ज्यादा नही फैले । क्योकि जितनी जनसँख्या है उस हिसाब से हमारे देश मे डॉक्टरस व सुविधायें नही है । जिस गाँव मे 20 बैड वाला हॉस्पीटल है उस गाव की जनसँख्या पाँच हजार है । इसलिये सावधानियां ही हमे राहत दे सकती है । बीस पच्चीस दिनो से जगह जगह आइसोलेशन वार्ड बनाये जा रहे है । सभी राज्यो के मुख्यमंत्रीयो ने बड़े शहरो मे लोकआउट व कर्फ़्यू की घोषणा की है । वो बिलकुल सही है। अगर आप ये समझ रहे कि मामला कुछ ही दिनों का है तो ये आपकी गलत फहमी है । इसके बारे मे कुछ कहा भी नही जा सकता है। कितने समय के लिये होगा । लेकिन हमे सिर्फ सरकारी आदेशों का पालन करना है ।
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