वेकरीया घास (वेकर)
हमारे यहाँ वेकर घास वर्षा ऋतु मे होती है
घास थोड़ी बड़ी होने पर वेकर के फूलों का रन्ग देखकर मन मोहित हो जाता है। यह घास भी सनाड़ी घास जैसा ही है । वेकरीया के छोटे गुलाबी फूल मुझे बहुत अच्छे लगते है , वेकरिया कोई खराब घास तो नही है पर जब तक दुसरा घास मिलता है तबतक गाये भेन्से इसे कम ही खाती है ।
वेकर घास खासकर ऊंटों को बहुत पसन्द अच्छी लगती है। कहते है कि वर्षा ऋतु मे वेकर खाया हुआ ऊंट सर्दियों मे खिन्जते बहुत है। जब ये घास सूख जाती है तो खेत मे ट्रेकटर मे कराली लगाकर इकट्ठा करके इसको कराई (कालर) देने के लिये उपयोग में लाया जाता है। आजकल तो लोग इतनी मेहनत नही करते हैं।
वेकरिया घास के लिये राजस्थानी मे एक कहावत है कि "मालवे जाय ने वेकरीयो खादौ "
यानी जब अच्छी चीजे भी थी फिर भी तुच्छ चीज को ही हाथ डाला।
और एक फागण भी गाया जाता है कि
" वाड़ा मे वेकरीयो ऊभो म्हें जौणीयो सोनो रे
"सोनो होवे तो सळी घड़ायदूं रुपा रो मान्दलियो रे "
मंगलवार, 13 अगस्त 2019
वेकरिया ( वेकर) एक घास
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