अर्ज करू गुरु थाने चरणों
मै अरज करू गुरु थाने चरणों मै राखजो म्हाने
मै अरज करू गुरु थाने चरणों मै राखजो म्हाने
1 हैलो प्रगट देवू के छाने , आ लाज शर्म सब थाने ,
माता पिता भ्राता है स्वार्थ के नाता |
मै अर्ज ………………………………………………
तारण गुरु दाता , ज्याने चार वेद गुण गाता
ओ भाव जल भरियो भरी , म्हणे सुजात नाय किनारों ,
मै अरज ………………………………
गुरु घाट में दया विचारो , में डूब रयो मजधारी
गुरु जग में भयो अवतारी , परजीवो के हितकारी
मै अरज ………………………………………………
महने आयो भरोसो भारी नहीं , छोडू शरण तुम्हारी ओ
तन -मन -धन गुरु थोरो , चाहे शीश कट लो म्हारो ,
मै अरज ………………………………………………
ओ – दास दरियाव पुकारे , चरणों रो चाकर थोरो
मै अरज करू गुरु थाने चरणों मै राखजो म्हाने
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